पुनर्वसु नक्षत्र — देवता, पाद, नक्षत्र स्वामी और त्याज्य

पुनर्वसु सत्ताईस नक्षत्रों में सातवाँ है। इसके अधिष्ठातृ देवता Aditi, विंशोत्तरी स्वामी Jupiter, गण Dev, योनि Cat, नाड़ी Aadi, वर्ण Vaishya — प्रत्येक मान उसी इंजन से गणित जो कुण्डली बनाता है, और शास्त्र से उद्धृत।

एक दृष्टि में

अधिष्ठातृ देवताAditi
नक्षत्र स्वामीJupiter
स्वभाव (मुहूर्त वर्ग)Chara (Movable)
गणDev
योनिCat
नाड़ीAadi
वर्णVaishya

पुनर्वसु के चार पाद — नवांश और नाम-अक्षर

पादआरम्भनाम-अक्षरनवांश (D9)नवांश स्वामी
Pāda 180°00′«Ke»AriesMars
Pāda 283°20′«Ko»TaurusVenus
Pāda 386°40′«Haa»GeminiMercury
Pāda 490°00′«Hee»CancerMoon

विष घटी (त्याज्य)

पुनर्वसु का विष (त्याज्य) भाग नक्षत्र के आरम्भ से घटी 30–34 तक रहता है — यही दैनिक वर्ज्य काल का आधार है।

देवता बृहत् पाराशर होराशास्त्र अध्याय ६ से; गण/नाड़ी/वर्ण/योनि अष्टकूट तालिकाओं से; नाम-अक्षर नामकरण तालिका से; नवांश मानक पाराशरी विभाजन से; त्याज्य प्रश्न मार्ग से।