शतभिषा नक्षत्र — देवता, पाद, नक्षत्र स्वामी और त्याज्य
शतभिषा सत्ताईस नक्षत्रों में चौबीसवाँ है। इसके अधिष्ठातृ देवता Varuṇa, विंशोत्तरी स्वामी Rahu, गण Rakshasa, योनि Horse, नाड़ी Aadi, वर्ण Butcher — प्रत्येक मान उसी इंजन से गणित जो कुण्डली बनाता है, और शास्त्र से उद्धृत।
एक दृष्टि में
अधिष्ठातृ देवता
Varuṇa
नक्षत्र स्वामी
Rahu
स्वभाव (मुहूर्त वर्ग)
Chara (Movable)
गण
Rakshasa
योनि
Horse
नाड़ी
Aadi
वर्ण
Butcher
शतभिषा के चार पाद — नवांश और नाम-अक्षर
पाद
आरम्भ
नाम-अक्षर
नवांश (D9)
नवांश स्वामी
Pāda 1
306°40′
«Go»
Sagittarius
Jupiter
Pāda 2
310°00′
«Saa»
Capricorn
Saturn
Pāda 3
313°20′
«See»
Aquarius
Saturn
Pāda 4
316°40′
«Soo»
Pisces
Jupiter
विष घटी (त्याज्य)
शतभिषा का विष (त्याज्य) भाग नक्षत्र के आरम्भ से घटी 18–22 तक रहता है — यही दैनिक वर्ज्य काल का आधार है।
देवता बृहत् पाराशर होराशास्त्र अध्याय ६ से; गण/नाड़ी/वर्ण/योनि अष्टकूट तालिकाओं से; नाम-अक्षर नामकरण तालिका से; नवांश मानक पाराशरी विभाजन से; त्याज्य प्रश्न मार्ग से।