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VedicSpaceपंचांगअबू धाबी › 2026-06-23

अबू धाबी पंचांग — 23 जून 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, हस्त नक्षत्र · मङ्गलवार · (24.4539°, 54.3773°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अबू धाबी (24.4539°, 54.3773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:35 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 03:10 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रहस्त · पाद 4तक 10:24 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगवरीयान्तक 08:43 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 03:10 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:35 AM
सूर्यास्त07:14 PM
चन्द्रोदय01:46 PM
चन्द्रास्त12:40 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:57 AM – 12:51 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:59 AM – 04:47 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:49 PM – 05:31 PM
गुलिक काल12:24 PM – 02:06 PM
यमगण्ड08:59 AM – 10:42 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:02 AM – 11:57 AM
दुर्मुहूर्त02:41 PM – 03:35 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:35 AM – 07:17 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:17 AM – 08:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:59 AM – 10:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:42 AM – 12:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:24 PM – 02:06 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:06 PM – 03:49 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:49 PM – 05:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:31 PM – 07:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:14 PM – 08:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:31 PM – 09:49 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:49 PM – 11:06 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:06 PM – 12:24 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:24 AM – 01:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:42 AM – 02:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:59 AM – 04:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:17 AM – 05:35 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle