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VedicSpaceपंचांगअबू धाबी › 2026-08-12

अबू धाबी पंचांग — 12 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, पुष्य नक्षत्र · बुधवार · (24.4539°, 54.3773°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना अबू धाबी (24.4539°, 54.3773°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 09:36 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपुष्य · पाद 4तक 06:30 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगव्यतीपाततक 01:56 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणचतुष्पादतक 10:57 AMस्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:56 AM
सूर्यास्त06:59 PM
चन्द्रोदय05:21 AM
चन्द्रास्त06:49 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:20 AM – 05:08 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:27 PM – 02:05 PM
गुलिक काल10:49 AM – 12:27 PM
यमगण्ड07:33 AM – 09:11 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:01 PM – 12:53 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:24 AM – 10:17 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:56 AM – 07:33 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:33 AM – 09:11 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:11 AM – 10:49 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:49 AM – 12:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:27 PM – 02:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:05 PM – 03:43 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:43 PM – 05:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:21 PM – 06:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:59 PM – 08:21 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:21 PM – 09:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:43 PM – 11:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:05 PM – 12:27 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:27 AM – 01:49 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:49 AM – 03:11 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:11 AM – 04:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:33 AM – 05:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle