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VedicSpaceपंचांगआगरा › 2027-02-17

आगरा पंचांग — 17 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · बुधवार · उत्तर प्रदेश (27.1767°, 78.0081°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना आगरा (27.1767°, 78.0081°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:53 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 05:32 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 1तक 11:29 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगविष्कुम्भतक 06:14 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 06:58 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:53 AM
सूर्यास्त06:11 PM
चन्द्रोदय02:13 PM
चन्द्रास्त03:37 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:17 AM – 06:05 AM
अमृत काल03:16 PM – 04:44 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:32 PM – 01:56 PM
गुलिक काल11:07 AM – 12:32 PM
यमगण्ड08:17 AM – 09:42 AM
वर्ज्यम्06:33 AM – 08:00 AM
अभिजित मुहूर्त12:09 PM – 12:54 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:53 AM – 10:39 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:53 AM – 08:17 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:17 AM – 09:42 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:42 AM – 11:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:07 AM – 12:32 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:32 PM – 01:56 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:56 PM – 03:21 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:21 PM – 04:46 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:46 PM – 06:11 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:11 PM – 07:46 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:46 PM – 09:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:21 PM – 10:56 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:56 PM – 12:32 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:32 AM – 02:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:07 AM – 03:42 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:42 AM – 05:17 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:17 AM – 06:53 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle