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VedicSpaceपंचांगआगरा › 2027-02-18

आगरा पंचांग — 18 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · गुरुवार · उत्तर प्रदेश (27.1767°, 78.0081°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना आगरा (27.1767°, 78.0081°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:52 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 02:28 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 2तक 09:06 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगआयुष्मान्तक 10:50 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 02:28 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:52 AM
सूर्यास्त06:12 PM
चन्द्रोदय03:24 PM
चन्द्रास्त04:35 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:09 PM – 12:54 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:16 AM – 06:04 AM
अमृत काल07:48 PM – 09:14 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:57 PM – 03:22 PM
गुलिक काल09:42 AM – 11:07 AM
यमगण्ड06:52 AM – 08:17 AM
वर्ज्यम्11:10 AM – 12:36 PM
दुर्मुहूर्त01:40 PM – 02:25 PM
दुर्मुहूर्त04:41 PM – 05:26 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:52 AM – 08:17 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:17 AM – 09:42 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:42 AM – 11:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:07 AM – 12:32 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:32 PM – 01:57 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:57 PM – 03:22 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:22 PM – 04:47 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:47 PM – 06:12 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:12 PM – 07:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:47 PM – 09:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:22 PM – 10:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:57 PM – 12:32 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:32 AM – 02:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:07 AM – 03:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:42 AM – 05:17 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:17 AM – 06:52 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle