VedicSpace › पंचांग › बैंकॉक › 2026-06-13
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शनिवार · (13.7563°, 100.5018°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बैंकॉक (13.7563°, 100.5018°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष त्रयोदशी | तक 05:38 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | कृत्तिका · पाद 1 | तक 02:47 AM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | सुकर्मा | तक 06:58 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | गर | तक 07:25 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:50 AM |
| सूर्यास्त | 06:46 PM |
| चन्द्रोदय | 03:38 AM |
| चन्द्रास्त | 04:50 PM |
| चन्द्र राशि | मेष |
| सूर्य राशि | वृषभ |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 11:52 AM – 12:43 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:14 AM – 05:02 AM |
| अमृत काल | 12:30 AM – 01:54 AM |
| राहु काल | 09:04 AM – 10:41 AM |
| गुलिक काल | 05:50 AM – 07:27 AM |
| यमगण्ड | 01:55 PM – 03:32 PM |
| वर्ज्यम् | 04:01 PM – 05:26 PM |
| दुर्मुहूर्त | 09:16 AM – 10:08 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:27 PM – 03:19 PM |
| काल | 05:50 AM – 07:27 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:27 AM – 09:04 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:04 AM – 10:41 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:41 AM – 12:18 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:18 PM – 01:55 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:55 PM – 03:32 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:32 PM – 05:09 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:09 PM – 06:46 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 06:46 PM – 08:09 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:09 PM – 09:32 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:32 PM – 10:55 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:55 PM – 12:18 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:18 AM – 01:41 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:41 AM – 03:04 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:04 AM – 04:27 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:27 AM – 05:50 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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