VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगबैंकॉक › 2026-06-15

बैंकॉक पंचांग — 15 जून 2026

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · सोमवार · (13.7563°, 100.5018°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बैंकॉक (13.7563°, 100.5018°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 09:54 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 2तक 08:38 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगशूलतक 10:25 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणनागतक 09:54 AMस्थिर करण — केवल कठोर / क्रूर कर्म।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:50 AM
सूर्यास्त06:47 PM
चन्द्रोदय05:41 AM
चन्द्रास्त07:07 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:14 AM – 05:02 AM
अमृत काल12:48 PM – 02:12 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:27 AM – 09:04 AM
गुलिक काल01:55 PM – 03:32 PM
यमगण्ड10:41 AM – 12:18 PM
वर्ज्यम्04:26 AM – 05:50 AM
अभिजित मुहूर्त11:52 AM – 12:44 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:19 PM – 04:11 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:50 AM – 07:27 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:27 AM – 09:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:04 AM – 10:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:41 AM – 12:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:18 PM – 01:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:55 PM – 03:32 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:32 PM – 05:09 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:09 PM – 06:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:47 PM – 08:09 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:09 PM – 09:32 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:32 PM – 10:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:55 PM – 12:18 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:18 AM – 01:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:41 AM – 03:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:04 AM – 04:27 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:27 AM – 05:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle