VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगबैंकॉक › 2026-08-08

बैंकॉक पंचांग — 8 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · शनिवार · (13.7563°, 100.5018°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बैंकॉक (13.7563°, 100.5018°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 03:29 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 2तक 06:21 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगध्रुवतक 10:32 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 03:29 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:04 AM
सूर्यास्त06:44 PM
चन्द्रोदय01:07 AM
चन्द्रास्त02:29 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:58 AM – 12:49 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:28 AM – 05:16 AM
अमृत काल03:29 PM – 04:57 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:14 AM – 10:49 AM
गुलिक काल06:04 AM – 07:39 AM
यमगण्ड01:59 PM – 03:34 PM
वर्ज्यम्11:04 AM – 12:32 PM
दुर्मुहूर्त09:26 AM – 10:17 AM
दुर्मुहूर्त02:30 PM – 03:21 PM

दिन चौघड़िया

काल06:04 AM – 07:39 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:39 AM – 09:14 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:14 AM – 10:49 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:49 AM – 12:24 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:24 PM – 01:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:59 PM – 03:34 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:34 PM – 05:09 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:09 PM – 06:44 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:44 PM – 08:09 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:09 PM – 09:34 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:34 PM – 10:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:59 PM – 12:24 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:24 AM – 01:49 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:49 AM – 03:14 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:14 AM – 04:39 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:39 AM – 06:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle