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VedicSpaceपंचांगबैंकॉक › 2026-08-09

बैंकॉक पंचांग — 9 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · रविवार · (13.7563°, 100.5018°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बैंकॉक (13.7563°, 100.5018°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 12:35 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 3तक 04:13 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगव्याघाततक 07:08 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 12:35 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:04 AM
सूर्यास्त06:43 PM
चन्द्रोदय02:09 AM
चन्द्रास्त03:34 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:58 AM – 12:48 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:28 AM – 05:16 AM
अमृत काल08:17 AM – 09:45 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:08 PM – 06:43 PM
गुलिक काल03:33 PM – 05:08 PM
यमगण्ड12:23 PM – 01:58 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:01 PM – 05:52 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:04 AM – 07:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:38 AM – 09:13 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:13 AM – 10:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:48 AM – 12:23 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:23 PM – 01:58 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:58 PM – 03:33 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:33 PM – 05:08 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:08 PM – 06:43 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:43 PM – 08:08 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:08 PM – 09:33 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:33 PM – 10:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:58 PM – 12:23 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:23 AM – 01:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:48 AM – 03:13 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:13 AM – 04:38 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:38 AM – 06:04 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle