VedicSpace › पंचांग › बेंगलुरु › 2026-10-21
शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · बुधवार · कर्नाटक (12.9716°, 77.5946°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना बेंगलुरु (12.9716°, 77.5946°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:11 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष दशमी | तक 02:12 PM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | बुधवार | — | व्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा। |
| नक्षत्र | धनिष्ठा · पाद 2 | तक 07:48 PM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | गण्ड | तक 12:33 AM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | गर | तक 02:12 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:11 AM |
| सूर्यास्त | 05:58 PM |
| चन्द्रोदय | 02:37 PM |
| चन्द्रास्त | 01:41 AM |
| चन्द्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:35 AM – 05:23 AM |
| अमृत काल | 08:53 AM – 10:35 AM |
| राहु काल | 12:04 PM – 01:32 PM |
| गुलिक काल | 10:36 AM – 12:04 PM |
| यमगण्ड | 07:39 AM – 09:07 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 11:40 AM – 12:28 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 09:19 AM – 10:06 AM |
| लाभ | 06:11 AM – 07:39 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:39 AM – 09:07 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:07 AM – 10:36 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:36 AM – 12:04 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:04 PM – 01:32 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:32 PM – 03:01 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:01 PM – 04:29 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:29 PM – 05:58 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| उद्वेग | 05:58 PM – 07:29 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 07:29 PM – 09:01 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 09:01 PM – 10:32 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 10:32 PM – 12:04 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 12:04 AM – 01:36 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 01:36 AM – 03:07 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 03:07 AM – 04:39 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:39 AM – 06:11 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
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