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VedicSpaceपंचांगभोपाल › 2027-01-24

भोपाल पंचांग — 24 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, मघा नक्षत्र · रविवार · मध्य प्रदेश (23.2599°, 77.4126°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भोपाल (23.2599°, 77.4126°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:03 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 10:57 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमघा · पाद 1तक 02:41 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसौभाग्यतक 02:03 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 10:57 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:03 AM
सूर्यास्त06:02 PM
चन्द्रोदय08:15 PM
चन्द्रास्त08:18 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:10 PM – 12:54 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:27 AM – 06:15 AM
अमृत काल01:33 AM – 03:00 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:39 PM – 06:02 PM
गुलिक काल03:17 PM – 04:39 PM
यमगण्ड12:32 PM – 01:54 PM
वर्ज्यम्04:50 PM – 06:17 PM
दुर्मुहूर्त04:34 PM – 05:18 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:03 AM – 08:25 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:25 AM – 09:47 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:47 AM – 11:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:10 AM – 12:32 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:32 PM – 01:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:54 PM – 03:17 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:17 PM – 04:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:39 PM – 06:02 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:02 PM – 07:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:39 PM – 09:17 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:17 PM – 10:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:54 PM – 12:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:32 AM – 02:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:10 AM – 03:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:47 AM – 05:25 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:25 AM – 07:03 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle