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VedicSpaceपंचांगभोपाल › 2027-01-26

भोपाल पंचांग — 26 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · मङ्गलवार · मध्य प्रदेश (23.2599°, 77.4126°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भोपाल (23.2599°, 77.4126°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 06:00 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 1तक 12:07 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगअतिगण्डतक 08:18 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 06:00 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:02 AM
सूर्यास्त06:03 PM
चन्द्रोदय10:15 PM
चन्द्रास्त09:33 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:10 PM – 12:54 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:26 AM – 06:14 AM
अमृत काल06:12 PM – 07:45 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:17 PM – 04:40 PM
गुलिक काल12:32 PM – 01:55 PM
यमगण्ड09:47 AM – 11:09 AM
वर्ज्यम्08:57 AM – 10:29 AM
दुर्मुहूर्त11:26 AM – 12:10 PM
दुर्मुहूर्त02:22 PM – 03:06 PM

दिन चौघड़िया

रोग07:02 AM – 08:24 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:24 AM – 09:47 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:47 AM – 11:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:09 AM – 12:32 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:32 PM – 01:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:55 PM – 03:17 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:17 PM – 04:40 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:40 PM – 06:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:03 PM – 07:40 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:40 PM – 09:17 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:17 PM – 10:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:55 PM – 12:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:32 AM – 02:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:09 AM – 03:47 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:47 AM – 05:24 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:24 AM – 07:02 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle