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VedicSpaceपंचांगभुवनेश्वर › 2026-07-28

भुवनेश्वर पंचांग — 28 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · मङ्गलवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:20 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 06:19 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 3तक 01:11 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगविष्कुम्भतक 11:33 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 06:19 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:20 AM
सूर्यास्त06:26 PM
चन्द्रोदय05:48 PM
चन्द्रास्त03:51 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:26 AM – 12:19 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:44 AM – 04:32 AM
अमृत काल07:11 AM – 08:58 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:09 PM – 04:47 PM
गुलिक काल11:53 AM – 01:31 PM
यमगण्ड08:36 AM – 10:14 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:34 AM – 11:26 AM
दुर्मुहूर्त02:04 PM – 02:56 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:20 AM – 06:58 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:58 AM – 08:36 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:36 AM – 10:14 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:14 AM – 11:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:53 AM – 01:31 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:31 PM – 03:09 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:09 PM – 04:47 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:47 PM – 06:26 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:26 PM – 07:47 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:47 PM – 09:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:09 PM – 10:31 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:31 PM – 11:53 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:53 PM – 01:14 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:14 AM – 02:36 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:36 AM – 03:58 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:58 AM – 05:20 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle