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VedicSpaceपंचांगभुवनेश्वर › 2026-08-08

भुवनेश्वर पंचांग — 8 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · शनिवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:24 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 01:59 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 3तक 04:51 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगध्रुवतक 09:02 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 01:59 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:24 AM
सूर्यास्त06:21 PM
चन्द्रोदय12:23 AM
चन्द्रास्त02:16 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:26 AM – 12:18 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:48 AM – 04:36 AM
अमृत काल01:19 PM – 02:47 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:38 AM – 10:15 AM
गुलिक काल05:24 AM – 07:01 AM
यमगण्ड01:29 PM – 03:06 PM
वर्ज्यम्08:54 AM – 10:22 AM
दुर्मुहूर्त08:51 AM – 09:43 AM
दुर्मुहूर्त02:02 PM – 02:53 PM

दिन चौघड़िया

काल05:24 AM – 07:01 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:01 AM – 08:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:38 AM – 10:15 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:15 AM – 11:52 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:52 AM – 01:29 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:29 PM – 03:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:06 PM – 04:43 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:43 PM – 06:21 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:21 PM – 07:43 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:43 PM – 09:06 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:06 PM – 10:29 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:29 PM – 11:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:52 PM – 01:15 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:15 AM – 02:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:38 AM – 04:01 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:01 AM – 05:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle