VedicSpace › पंचांग › भुवनेश्वर › 2026-08-11
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · मङ्गलवार · ओडिशा (20.2961°, 85.8245°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना भुवनेश्वर (20.2961°, 85.8245°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:25 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी | तक 01:53 AM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | पुनर्वसु · पाद 4 | तक 10:09 AM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | सिद्धि | तक 06:51 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 03:23 PM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 05:25 AM |
| सूर्यास्त | 06:19 PM |
| चन्द्रोदय | 03:39 AM |
| चन्द्रास्त | 05:16 PM |
| चन्द्र राशि | कर्क |
| सूर्य राशि | कर्क |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · ग्रीष्म |
| अभिजित मुहूर्त | 11:26 AM – 12:17 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:49 AM – 04:37 AM |
| अमृत काल | 07:24 AM – 08:51 AM |
| राहु काल | 03:05 PM – 04:42 PM |
| गुलिक काल | 11:52 AM – 01:28 PM |
| यमगण्ड | 08:38 AM – 10:15 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 10:34 AM – 11:26 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:01 PM – 02:52 PM |
| रोग | 05:25 AM – 07:01 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:01 AM – 08:38 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:38 AM – 10:15 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:15 AM – 11:52 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:52 AM – 01:28 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 01:28 PM – 03:05 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:05 PM – 04:42 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 04:42 PM – 06:19 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 06:19 PM – 07:42 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:42 PM – 09:05 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:05 PM – 10:28 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:28 PM – 11:52 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:52 PM – 01:15 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:15 AM – 02:38 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:38 AM – 04:01 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:01 AM – 05:25 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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