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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2026-09-03

शिकागो पंचांग — 3 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · गुरुवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:18 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 03:55 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 3तक 01:59 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगव्याघाततक 08:03 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 03:55 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:18 AM
सूर्यास्त07:21 PM
चन्द्रोदय10:43 PM
चन्द्रास्त01:41 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:23 PM – 01:15 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:42 AM – 05:30 AM
अमृत काल12:01 PM – 01:32 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:27 PM – 04:05 PM
गुलिक काल09:33 AM – 11:11 AM
यमगण्ड06:18 AM – 07:55 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:07 PM – 03:00 PM
दुर्मुहूर्त05:36 PM – 06:28 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:18 AM – 07:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:55 AM – 09:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:33 AM – 11:11 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:11 AM – 12:49 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:49 PM – 02:27 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:27 PM – 04:05 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:05 PM – 05:43 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:43 PM – 07:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:21 PM – 08:43 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:43 PM – 10:05 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:05 PM – 11:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:27 PM – 12:49 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:49 AM – 02:11 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:11 AM – 03:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:33 AM – 04:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:55 AM – 06:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle