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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2026-10-09

शिकागो पंचांग — 9 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · शुक्रवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 11:06 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 4तक 10:49 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगब्रह्मतक 12:51 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणशकुनितक 11:06 AMस्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:56 AM
सूर्यास्त06:19 PM
चन्द्रोदय05:56 AM
चन्द्रास्त05:33 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:14 PM – 01:00 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:20 AM – 06:08 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:12 AM – 12:37 PM
गुलिक काल08:21 AM – 09:46 AM
यमगण्ड03:28 PM – 04:53 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:29 AM – 12:14 PM
दुर्मुहूर्त02:31 PM – 03:16 PM

दिन चौघड़िया

चर06:56 AM – 08:21 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:21 AM – 09:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:46 AM – 11:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:12 AM – 12:37 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:37 PM – 02:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:02 PM – 03:28 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:28 PM – 04:53 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:53 PM – 06:19 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:19 PM – 07:53 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:53 PM – 09:28 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:28 PM – 11:02 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:02 PM – 12:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:37 AM – 02:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:12 AM – 03:46 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:46 AM – 05:21 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:21 AM – 06:56 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle