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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2026-10-10

शिकागो पंचांग — 10 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, हस्त नक्षत्र · शनिवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 10:50 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रहस्त · पाद 4तक 11:12 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगइन्द्रतक 11:32 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणनागतक 10:50 AMस्थिर करण — केवल कठोर / क्रूर कर्म।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:57 AM
सूर्यास्त06:17 PM
चन्द्रोदय07:04 AM
चन्द्रास्त05:55 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:14 PM – 12:59 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:21 AM – 06:09 AM
अमृत काल06:01 AM – 07:39 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:47 AM – 11:12 AM
गुलिक काल06:57 AM – 08:22 AM
यमगण्ड02:02 PM – 03:27 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:58 AM – 10:43 AM
दुर्मुहूर्त02:30 PM – 03:15 PM

दिन चौघड़िया

काल06:57 AM – 08:22 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:22 AM – 09:47 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:47 AM – 11:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:12 AM – 12:37 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:37 PM – 02:02 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:02 PM – 03:27 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:27 PM – 04:52 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:52 PM – 06:17 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:17 PM – 07:52 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:52 PM – 09:27 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:27 PM – 11:02 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:02 PM – 12:37 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:37 AM – 02:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:12 AM – 03:47 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:47 AM – 05:22 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:22 AM – 06:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle