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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2026-11-10

शिकागो पंचांग — 10 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, अनुराधा नक्षत्र · मङ्गलवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:34 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 04:23 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 2तक 12:08 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगशोभनतक 03:39 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 03:24 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:34 AM
सूर्यास्त04:35 PM
चन्द्रोदय08:18 AM
चन्द्रास्त04:57 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:14 AM – 11:54 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:58 AM – 05:46 AM
अमृत काल10:38 AM – 01:16 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:04 PM – 03:19 PM
गुलिक काल11:34 AM – 12:49 PM
यमगण्ड09:04 AM – 10:19 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:34 AM – 11:14 AM
दुर्मुहूर्त01:14 PM – 01:54 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:34 AM – 07:49 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:49 AM – 09:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:04 AM – 10:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:19 AM – 11:34 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:34 AM – 12:49 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:49 PM – 02:04 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:04 PM – 03:19 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:19 PM – 04:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल04:35 PM – 06:19 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:19 PM – 08:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:04 PM – 09:49 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:49 PM – 11:34 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:34 PM – 01:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:19 AM – 03:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:04 AM – 04:49 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:49 AM – 06:34 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle