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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2026-12-21

शिकागो पंचांग — 21 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · सोमवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 06:06 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 1तक 11:15 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगसिद्धतक 02:02 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 06:06 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:15 AM
सूर्यास्त04:23 PM
चन्द्रोदय01:58 PM
चन्द्रास्त04:31 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:39 AM – 06:27 AM
अमृत काल10:21 PM – 11:47 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:23 AM – 09:32 AM
गुलिक काल12:57 PM – 02:06 PM
यमगण्ड10:40 AM – 11:49 AM
वर्ज्यम्01:44 PM – 03:10 PM
अभिजित मुहूर्त11:30 AM – 12:07 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त01:56 PM – 02:33 PM

दिन चौघड़िया

अमृत07:15 AM – 08:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:23 AM – 09:32 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:32 AM – 10:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:40 AM – 11:49 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:49 AM – 12:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:57 PM – 02:06 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:06 PM – 03:14 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:14 PM – 04:23 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर04:23 PM – 06:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:14 PM – 08:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:06 PM – 09:57 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:57 PM – 11:49 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:49 PM – 01:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:40 AM – 03:32 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:32 AM – 05:23 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:23 AM – 07:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle