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VedicSpaceपंचांगशिकागो › 2026-12-22

शिकागो पंचांग — 22 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · मङ्गलवार · इलिनॉय (41.8781°, -87.6298°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना शिकागो (41.8781°, -87.6298°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 11:17 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 2तक 08:26 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसाध्यतक 10:02 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 01:08 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:15 AM
सूर्यास्त04:23 PM
चन्द्रोदय02:50 PM
चन्द्रास्त05:49 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:30 AM – 12:07 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:39 AM – 06:27 AM
अमृत काल06:52 PM – 08:17 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:06 PM – 03:14 PM
गुलिक काल11:49 AM – 12:57 PM
यमगण्ड09:32 AM – 10:40 AM
वर्ज्यम्02:39 PM – 04:03 PM
दुर्मुहूर्त10:54 AM – 11:30 AM
दुर्मुहूर्त01:20 PM – 01:56 PM

दिन चौघड़िया

रोग07:15 AM – 08:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:23 AM – 09:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:32 AM – 10:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:40 AM – 11:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:49 AM – 12:57 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:57 PM – 02:06 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:06 PM – 03:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:14 PM – 04:23 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल04:23 PM – 06:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:14 PM – 08:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:06 PM – 09:57 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:57 PM – 11:49 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:49 PM – 01:40 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:40 AM – 03:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:32 AM – 05:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:23 AM – 07:15 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle