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VedicSpaceपंचांगदेहरादून › 2026-12-03

देहरादून पंचांग — 3 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · गुरुवार · उत्तराखंड (30.3165°, 78.0322°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना देहरादून (30.3165°, 78.0322°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:58 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 11:04 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 4तक 09:23 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगप्रीतितक 09:15 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 10:54 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:58 AM
सूर्यास्त05:17 PM
चन्द्रोदय01:37 AM
चन्द्रास्त01:30 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:46 AM – 12:28 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:22 AM – 06:10 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:24 PM – 02:42 PM
गुलिक काल09:32 AM – 10:50 AM
यमगण्ड06:58 AM – 08:15 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:09 PM – 01:50 PM
दुर्मुहूर्त03:54 PM – 04:35 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:58 AM – 08:15 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:15 AM – 09:32 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:32 AM – 10:50 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:50 AM – 12:07 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:07 PM – 01:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:24 PM – 02:42 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:42 PM – 03:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:59 PM – 05:17 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:17 PM – 06:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:59 PM – 08:42 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:42 PM – 10:24 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:24 PM – 12:07 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:07 AM – 01:50 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:50 AM – 03:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:32 AM – 05:15 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:15 AM – 06:58 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

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स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle