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VedicSpaceपंचांगदेहरादून › 2026-12-04

देहरादून पंचांग — 4 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, हस्त नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तराखंड (30.3165°, 78.0322°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना देहरादून (30.3165°, 78.0322°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 11:45 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रहस्त · पाद 4तक 10:23 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगआयुष्मान्तक 08:23 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 11:21 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:59 AM
सूर्यास्त05:17 PM
चन्द्रोदय02:36 AM
चन्द्रास्त01:59 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:47 AM – 12:28 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:23 AM – 06:11 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:50 AM – 12:08 PM
गुलिक काल08:16 AM – 09:33 AM
यमगण्ड02:42 PM – 03:59 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:06 AM – 11:47 AM
दुर्मुहूर्त01:51 PM – 02:32 PM

दिन चौघड़िया

चर06:59 AM – 08:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:16 AM – 09:33 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:33 AM – 10:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:50 AM – 12:08 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:08 PM – 01:25 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:25 PM – 02:42 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:42 PM – 03:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:59 PM – 05:17 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:17 PM – 06:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:59 PM – 08:42 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:42 PM – 10:25 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:25 PM – 12:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:08 AM – 01:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:50 AM – 03:33 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:33 AM – 05:16 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:16 AM – 06:59 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle