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VedicSpaceपंचांगदेहरादून › 2027-05-09

देहरादून पंचांग — 9 मई 2027

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · रविवार · उत्तराखंड (30.3165°, 78.0322°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना देहरादून (30.3165°, 78.0322°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 09:03 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 2तक 07:59 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगसुकर्मातक 11:20 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 09:03 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:28 AM
सूर्यास्त07:01 PM
चन्द्रोदय07:37 AM
चन्द्रास्त10:23 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:47 AM – 12:41 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:52 AM – 04:40 AM
अमृत काल11:21 AM – 12:49 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:19 PM – 07:01 PM
गुलिक काल03:37 PM – 05:19 PM
यमगण्ड12:14 PM – 01:56 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:12 PM – 06:06 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:28 AM – 07:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:09 AM – 08:51 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:51 AM – 10:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:32 AM – 12:14 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:14 PM – 01:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:56 PM – 03:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:37 PM – 05:19 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:19 PM – 07:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:01 PM – 08:19 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:19 PM – 09:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:37 PM – 10:56 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:56 PM – 12:14 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:14 AM – 01:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:32 AM – 02:51 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:51 AM – 04:09 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:09 AM – 05:28 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle