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VedicSpaceपंचांगदेहरादून › 2027-05-10

देहरादून पंचांग — 10 मई 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · सोमवार · उत्तराखंड (30.3165°, 78.0322°)

दिन शुद्धि: आंशिक (2/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना देहरादून (30.3165°, 78.0322°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 06:23 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 2तक 06:08 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगधृतितक 08:06 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 06:23 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:27 AM
सूर्यास्त07:02 PM
चन्द्रोदय08:44 AM
चन्द्रास्त11:18 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:51 AM – 04:39 AM
अमृत काल08:21 AM – 09:49 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:08 AM – 08:50 AM
गुलिक काल01:56 PM – 03:38 PM
यमगण्ड10:32 AM – 12:14 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:47 AM – 12:41 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:24 PM – 04:19 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:27 AM – 07:08 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:08 AM – 08:50 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:50 AM – 10:32 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:32 AM – 12:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:14 PM – 01:56 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:56 PM – 03:38 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:38 PM – 05:20 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:20 PM – 07:02 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर07:02 PM – 08:20 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:20 PM – 09:38 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:38 PM – 10:56 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:56 PM – 12:14 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:14 AM – 01:32 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:32 AM – 02:50 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:50 AM – 04:08 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:08 AM – 05:27 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle