VedicSpace › पंचांग › ढाका › 2026-10-22
शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · गुरुवार · (23.8103°, 90.4125°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ढाका (23.8103°, 90.4125°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष एकादशी | तक 03:18 PM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | शतभिषा · पाद 2 | तक 09:19 PM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | वृद्धि | तक 12:09 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 03:18 PM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 05:59 AM |
| सूर्यास्त | 05:27 PM |
| चन्द्रोदय | 02:58 PM |
| चन्द्रास्त | 01:58 AM |
| चन्द्र राशि | कुम्भ |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:20 AM – 12:05 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:23 AM – 05:11 AM |
| अमृत काल | 01:50 PM – 03:30 PM |
| राहु काल | 01:09 PM – 02:35 PM |
| गुलिक काल | 08:51 AM – 10:17 AM |
| यमगण्ड | 05:59 AM – 07:25 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 12:51 PM – 01:37 PM |
| दुर्मुहूर्त | 03:55 PM – 04:41 PM |
| शुभ | 05:59 AM – 07:25 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:25 AM – 08:51 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:51 AM – 10:17 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:17 AM – 11:43 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:43 AM – 01:09 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:09 PM – 02:35 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:35 PM – 04:01 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:01 PM – 05:27 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 05:27 PM – 07:01 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:01 PM – 08:35 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:35 PM – 10:09 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:09 PM – 11:43 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:43 PM – 01:17 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:17 AM – 02:51 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:51 AM – 04:25 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:25 AM – 05:59 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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