VedicSpace › पंचांग › ढाका › 2026-10-29
कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · गुरुवार · (23.8103°, 90.4125°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ढाका (23.8103°, 90.4125°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्थी | तक 10:40 PM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | रोहिणी · पाद 3 | तक 11:41 AM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | परिघ | तक 12:36 AM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | बव | तक 12:07 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:02 AM |
| सूर्यास्त | 05:22 PM |
| चन्द्रोदय | 08:05 PM |
| चन्द्रास्त | 09:14 AM |
| चन्द्र राशि | वृषभ |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:19 AM – 12:04 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:26 AM – 05:14 AM |
| अमृत काल | 08:49 AM – 10:16 AM |
| राहु काल | 01:07 PM – 02:32 PM |
| गुलिक काल | 08:52 AM – 10:17 AM |
| यमगण्ड | 06:02 AM – 07:27 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 12:50 PM – 01:35 PM |
| दुर्मुहूर्त | 03:51 PM – 04:36 PM |
| शुभ | 06:02 AM – 07:27 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:27 AM – 08:52 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:52 AM – 10:17 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:17 AM – 11:42 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:42 AM – 01:07 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:07 PM – 02:32 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:32 PM – 03:57 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:57 PM – 05:22 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 05:22 PM – 06:57 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 06:57 PM – 08:32 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:32 PM – 10:07 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:07 PM – 11:42 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:42 PM – 01:17 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:17 AM – 02:52 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:52 AM – 04:27 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:27 AM – 06:02 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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