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VedicSpaceपंचांगढाका › 2026-10-27

ढाका पंचांग — 27 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, भरणी नक्षत्र · मङ्गलवार · (23.8103°, 90.4125°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ढाका (23.8103°, 90.4125°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 07:32 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रभरणी · पाद 3तक 04:09 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धितक 11:23 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 07:32 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:01 AM
सूर्यास्त05:23 PM
चन्द्रोदय06:09 PM
चन्द्रास्त06:56 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:19 AM – 12:04 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:25 AM – 05:13 AM
अमृत काल11:47 AM – 01:15 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:32 PM – 03:57 PM
गुलिक काल11:42 AM – 01:07 PM
यमगण्ड08:51 AM – 10:16 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:33 AM – 11:19 AM
दुर्मुहूर्त01:35 PM – 02:21 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:01 AM – 07:26 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:26 AM – 08:51 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:51 AM – 10:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:16 AM – 11:42 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:42 AM – 01:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:07 PM – 02:32 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:32 PM – 03:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:57 PM – 05:23 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:23 PM – 06:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:57 PM – 08:32 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:32 PM – 10:07 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:07 PM – 11:42 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:42 PM – 01:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:16 AM – 02:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:51 AM – 04:26 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:26 AM – 06:01 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle