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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-04-26

दोहा पंचांग — 26 अप्रैल 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, मघा नक्षत्र · रविवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 03:37 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमघा · पाद 3तक 05:57 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवृद्धितक 07:57 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 03:37 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:02 AM
सूर्यास्त06:02 PM
चन्द्रोदय01:30 PM
चन्द्रास्त01:43 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:06 AM – 11:58 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:26 AM – 04:14 AM
अमृत काल02:32 PM – 04:10 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:24 PM – 06:02 PM
गुलिक काल02:47 PM – 04:24 PM
यमगण्ड11:32 AM – 01:09 PM
वर्ज्यम्04:44 AM – 06:22 AM
दुर्मुहूर्त04:18 PM – 05:10 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:02 AM – 06:39 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:39 AM – 08:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:17 AM – 09:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:54 AM – 11:32 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:32 AM – 01:09 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:09 PM – 02:47 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:47 PM – 04:24 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:24 PM – 06:02 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:02 PM – 07:24 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:24 PM – 08:47 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:47 PM – 10:09 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:09 PM – 11:32 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:32 PM – 12:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:54 AM – 02:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:17 AM – 03:39 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:39 AM – 05:02 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle