VedicSpace › पंचांग › दोहा › 2026-05-30
शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, विशाखा नक्षत्र · शनिवार · (25.2854°, 51.531°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष चतुर्दशी | तक 09:28 AM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | विशाखा · पाद 4 | तक 10:50 AM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | शिव | तक 02:54 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 09:28 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 04:44 AM |
| सूर्यास्त | 06:19 PM |
| चन्द्रोदय | 05:48 PM |
| चन्द्रास्त | 03:33 AM |
| चन्द्र राशि | वृश्चिक |
| सूर्य राशि | वृषभ |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 11:04 AM – 11:58 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:08 AM – 03:56 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 08:07 AM – 09:49 AM |
| गुलिक काल | 04:44 AM – 06:25 AM |
| यमगण्ड | 01:13 PM – 02:55 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 08:21 AM – 09:15 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:47 PM – 02:41 PM |
| काल | 04:44 AM – 06:25 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 06:25 AM – 08:07 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:07 AM – 09:49 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:49 AM – 11:31 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:31 AM – 01:13 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:13 PM – 02:55 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:55 PM – 04:37 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:37 PM – 06:19 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 06:19 PM – 07:37 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:37 PM – 08:55 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:55 PM – 10:13 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:13 PM – 11:31 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:31 PM – 12:49 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:49 AM – 02:07 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:07 AM – 03:25 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:25 AM – 04:44 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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