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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-07-22

दोहा पंचांग — 22 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, स्वाती नक्षत्र · बुधवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 04:33 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रस्वाती · पाद 2तक 08:33 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसाध्यतक 04:12 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 03:36 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:56 AM
सूर्यास्त06:25 PM
चन्द्रोदय12:41 PM
चन्द्रास्त11:31 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:20 AM – 04:08 AM
अमृत काल09:49 AM – 11:35 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:40 AM – 01:21 PM
गुलिक काल09:59 AM – 11:40 AM
यमगण्ड06:37 AM – 08:18 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:13 AM – 12:07 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:31 AM – 09:25 AM

दिन चौघड़िया

लाभ04:56 AM – 06:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:37 AM – 08:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:18 AM – 09:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:59 AM – 11:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:40 AM – 01:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:21 PM – 03:02 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:02 PM – 04:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:43 PM – 06:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:25 PM – 07:43 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:43 PM – 09:02 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:02 PM – 10:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:21 PM – 11:40 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:40 PM – 12:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:59 AM – 02:18 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:18 AM – 03:37 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:37 AM – 04:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle