VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-09-07

दोहा पंचांग — 7 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · सोमवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 02:34 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 3तक 03:44 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवरीयान्तक 01:08 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 02:34 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:17 AM
सूर्यास्त05:47 PM
चन्द्रोदय01:06 AM
चन्द्रास्त03:10 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:41 AM – 04:29 AM
अमृत काल12:47 PM – 02:16 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:50 AM – 08:24 AM
गुलिक काल01:05 PM – 02:39 PM
यमगण्ड09:58 AM – 11:32 AM
वर्ज्यम्03:50 AM – 05:19 AM
अभिजित मुहूर्त11:07 AM – 11:57 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:27 PM – 03:17 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:17 AM – 06:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:50 AM – 08:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:24 AM – 09:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:58 AM – 11:32 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:32 AM – 01:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:05 PM – 02:39 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:39 PM – 04:13 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:13 PM – 05:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर05:47 PM – 07:13 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:13 PM – 08:39 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:39 PM – 10:05 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:05 PM – 11:32 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:32 PM – 12:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:58 AM – 02:24 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:24 AM – 03:50 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:50 AM – 05:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle