VedicSpace › पंचांग › दोहा › 2026-10-03
कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · शनिवार · (25.2854°, 51.531°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष अष्टमी | तक 03:22 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | आर्द्रा · पाद 1 | तक 10:59 PM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | वरीयान् | तक 12:51 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बालव | तक 04:25 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:27 AM |
| सूर्यास्त | 05:19 PM |
| चन्द्रोदय | 10:58 PM |
| चन्द्रास्त | 12:12 PM |
| चन्द्र राशि | मिथुन |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 10:59 AM – 11:46 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:51 AM – 04:39 AM |
| अमृत काल | 01:02 PM – 02:32 PM |
| राहु काल | 08:25 AM – 09:54 AM |
| गुलिक काल | 05:27 AM – 06:56 AM |
| यमगण्ड | 12:52 PM – 02:21 PM |
| वर्ज्यम् | 03:59 AM – 05:30 AM |
| दुर्मुहूर्त | 08:36 AM – 09:24 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:21 PM – 02:09 PM |
| काल | 05:27 AM – 06:56 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 06:56 AM – 08:25 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:25 AM – 09:54 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:54 AM – 11:23 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:23 AM – 12:52 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:52 PM – 02:21 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:21 PM – 03:50 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:50 PM – 05:19 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 05:19 PM – 06:50 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 06:50 PM – 08:21 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:21 PM – 09:52 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:52 PM – 11:23 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:23 PM – 12:54 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:54 AM – 02:25 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:25 AM – 03:56 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:56 AM – 05:27 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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