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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-11-14

दोहा पंचांग — 14 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · शनिवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 08:54 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 3तक 05:54 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशूलतक 03:52 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 07:33 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:50 AM
सूर्यास्त04:46 PM
चन्द्रोदय10:13 AM
चन्द्रास्त08:43 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त10:56 AM – 11:39 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:14 AM – 05:02 AM
अमृत काल12:18 PM – 02:07 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:34 AM – 09:56 AM
गुलिक काल05:50 AM – 07:12 AM
यमगण्ड12:40 PM – 02:02 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त08:44 AM – 09:28 AM
दुर्मुहूर्त01:07 PM – 01:51 PM

दिन चौघड़िया

काल05:50 AM – 07:12 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:12 AM – 08:34 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:34 AM – 09:56 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:56 AM – 11:18 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:18 AM – 12:40 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:40 PM – 02:02 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:02 PM – 03:24 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:24 PM – 04:46 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ04:46 PM – 06:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:24 PM – 08:02 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:02 PM – 09:40 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:40 PM – 11:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:18 PM – 12:56 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:56 AM – 02:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:34 AM – 04:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:12 AM – 05:50 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle