VedicSpace › पंचांग › दोहा › 2026-11-21
शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, रेवती नक्षत्र · शनिवार · (25.2854°, 51.531°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:55 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष द्वादशी | तक 02:27 AM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | रेवती · पाद 1 | तक 03:25 AM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | सिद्धि | तक 12:00 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 03:20 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:55 AM |
| सूर्यास्त | 04:44 PM |
| चन्द्रोदय | 02:12 PM |
| चन्द्रास्त | 02:13 AM |
| चन्द्र राशि | मीन |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 10:57 AM – 11:41 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:19 AM – 05:07 AM |
| अमृत काल | 01:01 AM – 02:34 AM |
| राहु काल | 08:37 AM – 09:58 AM |
| गुलिक काल | 05:55 AM – 07:16 AM |
| यमगण्ड | 12:40 PM – 02:01 PM |
| वर्ज्यम् | 03:48 PM – 05:21 PM |
| दुर्मुहूर्त | 08:48 AM – 09:31 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:07 PM – 01:50 PM |
| काल | 05:55 AM – 07:16 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:16 AM – 08:37 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:37 AM – 09:58 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:58 AM – 11:19 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:19 AM – 12:40 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:40 PM – 02:01 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:01 PM – 03:22 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:22 PM – 04:44 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 04:44 PM – 06:22 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 06:22 PM – 08:01 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:01 PM – 09:40 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:40 PM – 11:19 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:19 PM – 12:58 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:58 AM – 02:37 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:37 AM – 04:16 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:16 AM – 05:55 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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