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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-11-22

दोहा पंचांग — 22 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · रविवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:56 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 12:07 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 1तक 01:45 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगव्यतीपाततक 08:59 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणकौलवतक 01:22 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:56 AM
सूर्यास्त04:44 PM
चन्द्रोदय02:50 PM
चन्द्रास्त03:14 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त10:58 AM – 11:41 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:20 AM – 05:08 AM
अमृत काल07:00 PM – 08:29 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:23 PM – 04:44 PM
गुलिक काल02:02 PM – 03:23 PM
यमगण्ड11:20 AM – 12:41 PM
वर्ज्यम्09:58 PM – 11:28 PM
दुर्मुहूर्त03:17 PM – 04:00 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:56 AM – 07:17 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:17 AM – 08:38 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:38 AM – 09:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:59 AM – 11:20 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:20 AM – 12:41 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:41 PM – 02:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:02 PM – 03:23 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:23 PM – 04:44 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ04:44 PM – 06:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:23 PM – 08:02 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:02 PM – 09:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:41 PM – 11:20 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:20 PM – 12:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:59 AM – 02:38 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:38 AM – 04:17 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:17 AM – 05:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle