VedicSpace › पंचांग › दोहा › 2026-11-28
कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · शनिवार · (25.2854°, 51.531°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:00 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष पञ्चमी | तक 01:27 AM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | पुनर्वसु · पाद 4 | तक 10:20 AM | चर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म। |
| योग | शुक्ल | तक 05:48 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | कौलव | तक 02:45 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:00 AM |
| सूर्यास्त | 04:43 PM |
| चन्द्रोदय | 08:53 PM |
| चन्द्रास्त | 09:45 AM |
| चन्द्र राशि | कर्क |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:00 AM – 11:42 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:24 AM – 05:12 AM |
| अमृत काल | 08:09 AM – 09:36 AM |
| राहु काल | 08:40 AM – 10:01 AM |
| गुलिक काल | 06:00 AM – 07:20 AM |
| यमगण्ड | 12:41 PM – 02:02 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 08:51 AM – 09:34 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:08 PM – 01:51 PM |
| काल | 06:00 AM – 07:20 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:20 AM – 08:40 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:40 AM – 10:01 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:01 AM – 11:21 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:21 AM – 12:41 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:41 PM – 02:02 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:02 PM – 03:22 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:22 PM – 04:43 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 04:43 PM – 06:22 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 06:22 PM – 08:02 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:02 PM – 09:41 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:41 PM – 11:21 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:21 PM – 01:01 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:01 AM – 02:40 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:40 AM – 04:20 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:20 AM – 06:00 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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