VedicSpace › पंचांग › दोहा › 2026-12-05
कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, चित्रा नक्षत्र · शनिवार · (25.2854°, 51.531°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:05 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष द्वादशी | तक 10:22 PM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | चित्रा · पाद 4 | तक 09:19 AM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | शोभन | तक 05:11 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | कौलव | तक 09:45 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:05 AM |
| सूर्यास्त | 04:44 PM |
| चन्द्रोदय | 02:47 AM |
| चन्द्रास्त | 01:57 PM |
| चन्द्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:03 AM – 11:45 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:29 AM – 05:17 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 08:44 AM – 10:04 AM |
| गुलिक काल | 06:05 AM – 07:24 AM |
| यमगण्ड | 12:44 PM – 02:04 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 08:55 AM – 09:38 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:11 PM – 01:53 PM |
| काल | 06:05 AM – 07:24 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:24 AM – 08:44 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:44 AM – 10:04 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:04 AM – 11:24 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:24 AM – 12:44 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:44 PM – 02:04 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:04 PM – 03:24 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:24 PM – 04:44 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 04:44 PM – 06:24 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 06:24 PM – 08:04 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:04 PM – 09:44 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:44 PM – 11:24 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:24 PM – 01:04 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:04 AM – 02:44 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:44 AM – 04:24 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:24 AM – 06:05 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
यह दिन आपकी कुंडली पर: अपनी कुंडली बनाएँ · मुहूर्त खोजें · मेरा 90-दिन का पंचांग
03 Dec 202604 Dec 202606 Dec 202607 Dec 202608 Dec 202612 Dec 2026
लखनऊदिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरवाराणसीपटना