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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-12-04

दोहा पंचांग — 4 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, हस्त नक्षत्र · शुक्रवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 09:15 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रहस्त · पाद 4तक 07:53 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसौभाग्यतक 05:23 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 08:51 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:04 AM
सूर्यास्त04:44 PM
चन्द्रोदय01:51 AM
चन्द्रास्त01:23 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:02 AM – 11:45 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:28 AM – 05:16 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:04 AM – 11:24 AM
गुलिक काल07:24 AM – 08:44 AM
यमगण्ड02:04 PM – 03:24 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:20 AM – 11:02 AM
दुर्मुहूर्त01:10 PM – 01:53 PM

दिन चौघड़िया

चर06:04 AM – 07:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:24 AM – 08:44 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:44 AM – 10:04 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:04 AM – 11:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:24 AM – 12:44 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:44 PM – 02:04 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:04 PM – 03:24 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:24 PM – 04:44 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग04:44 PM – 06:24 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:24 PM – 08:04 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:04 PM – 09:44 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:44 PM – 11:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:24 PM – 01:04 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:04 AM – 02:44 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:44 AM – 04:24 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:24 AM – 06:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle