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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-11-18

दोहा पंचांग — 18 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · बुधवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:53 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 04:36 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 1तक 03:40 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगव्याघाततक 05:12 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 04:12 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:53 AM
सूर्यास्त04:45 PM
चन्द्रोदय12:35 PM
चन्द्रास्त12:21 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:17 AM – 05:05 AM
अमृत काल07:53 PM – 09:36 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:19 AM – 12:40 PM
गुलिक काल09:57 AM – 11:19 AM
यमगण्ड07:14 AM – 08:36 AM
वर्ज्यम्09:41 AM – 11:23 AM
अभिजित मुहूर्त10:57 AM – 11:40 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:46 AM – 09:30 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:53 AM – 07:14 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:14 AM – 08:36 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:36 AM – 09:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:57 AM – 11:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:19 AM – 12:40 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:40 PM – 02:02 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:02 PM – 03:23 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:23 PM – 04:45 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग04:45 PM – 06:23 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:23 PM – 08:02 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:02 PM – 09:40 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:40 PM – 11:19 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:19 PM – 12:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:57 AM – 02:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:36 AM – 04:14 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:14 AM – 05:53 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle