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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-12-23

दोहा पंचांग — 23 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · बुधवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:16 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 08:17 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 1तक 02:23 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगशुभतक 02:45 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 08:17 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:16 AM
सूर्यास्त04:50 PM
चन्द्रोदय04:08 PM
चन्द्रास्त05:23 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:40 AM – 05:28 AM
अमृत काल06:58 PM – 08:22 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:33 AM – 12:52 PM
गुलिक काल10:13 AM – 11:33 AM
यमगण्ड07:35 AM – 08:54 AM
वर्ज्यम्10:36 AM – 11:59 AM
अभिजित मुहूर्त11:11 AM – 11:54 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:05 AM – 09:47 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:16 AM – 07:35 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:35 AM – 08:54 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:54 AM – 10:13 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:13 AM – 11:33 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:33 AM – 12:52 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:52 PM – 02:11 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:11 PM – 03:30 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:30 PM – 04:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग04:50 PM – 06:30 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:30 PM – 08:11 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:11 PM – 09:52 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:52 PM – 11:33 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:33 PM – 01:13 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:13 AM – 02:54 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:54 AM – 04:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:35 AM – 06:16 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle