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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2026-12-25

दोहा पंचांग — 25 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · शुक्रवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 08:56 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 2तक 08:20 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगइन्द्रतक 01:46 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 10:45 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:17 AM
सूर्यास्त04:51 PM
चन्द्रोदय06:32 PM
चन्द्रास्त07:30 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:12 AM – 11:55 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:41 AM – 05:29 AM
अमृत काल06:30 PM – 07:55 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:14 AM – 11:34 AM
गुलिक काल07:36 AM – 08:55 AM
यमगण्ड02:12 PM – 03:31 PM
वर्ज्यम्10:04 AM – 11:29 AM
दुर्मुहूर्त10:30 AM – 11:12 AM
दुर्मुहूर्त01:19 PM – 02:01 PM

दिन चौघड़िया

चर06:17 AM – 07:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:36 AM – 08:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:55 AM – 10:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:14 AM – 11:34 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:34 AM – 12:53 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:53 PM – 02:12 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:12 PM – 03:31 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:31 PM – 04:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग04:51 PM – 06:31 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:31 PM – 08:12 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:12 PM – 09:53 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:53 PM – 11:34 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:34 PM – 01:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:14 AM – 02:55 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:55 AM – 04:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:36 AM – 06:17 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle