VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगदोहा › 2027-02-06

दोहा पंचांग — 6 फ़रवरी 2027

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, श्रवण नक्षत्र · शनिवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:14 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 06:56 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रश्रवण · पाद 3तक 06:49 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगव्यतीपाततक 06:44 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणनागतक 06:56 PMस्थिर करण — केवल कठोर / क्रूर कर्म।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:14 AM
सूर्यास्त05:22 PM
चन्द्रोदय06:06 AM
चन्द्रास्त05:09 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:25 AM – 12:10 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:38 AM – 05:26 AM
अमृत काल07:28 AM – 09:15 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:01 AM – 10:24 AM
गुलिक काल06:14 AM – 07:37 AM
यमगण्ड01:11 PM – 02:35 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:12 AM – 09:56 AM
दुर्मुहूर्त01:39 PM – 02:23 PM

दिन चौघड़िया

काल06:14 AM – 07:37 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:37 AM – 09:01 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:01 AM – 10:24 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:24 AM – 11:48 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:48 AM – 01:11 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:11 PM – 02:35 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:35 PM – 03:58 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:58 PM – 05:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:22 PM – 06:58 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:58 PM – 08:35 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:35 PM – 10:11 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:11 PM – 11:48 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:48 PM – 01:24 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:24 AM – 03:01 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:01 AM – 04:37 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:37 AM – 06:14 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle