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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2027-02-09

दोहा पंचांग — 9 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · मङ्गलवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:13 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 11:50 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 2तक 01:10 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशिवतक 07:13 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 11:17 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:13 AM
सूर्यास्त05:24 PM
चन्द्रोदय07:40 AM
चन्द्रास्त07:49 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:26 AM – 12:10 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:37 AM – 05:25 AM
अमृत काल04:50 PM – 06:32 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:36 PM – 04:00 PM
गुलिक काल11:48 AM – 01:12 PM
यमगण्ड09:00 AM – 10:24 AM
वर्ज्यम्06:34 AM – 08:16 AM
दुर्मुहूर्त10:41 AM – 11:26 AM
दुर्मुहूर्त01:40 PM – 02:25 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:13 AM – 07:36 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:36 AM – 09:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:00 AM – 10:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:24 AM – 11:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:48 AM – 01:12 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:12 PM – 02:36 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:36 PM – 04:00 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:00 PM – 05:24 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:24 PM – 07:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:00 PM – 08:36 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:36 PM – 10:12 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:12 PM – 11:48 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:48 PM – 01:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:24 AM – 03:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:00 AM – 04:36 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:36 AM – 06:13 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle