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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2027-02-10

दोहा पंचांग — 10 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · बुधवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 12:35 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 1तक 02:26 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसिद्धतक 06:43 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 12:16 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:12 AM
सूर्यास्त05:24 PM
चन्द्रोदय08:10 AM
चन्द्रास्त08:43 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:36 AM – 05:24 AM
अमृत काल09:35 PM – 11:16 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:48 AM – 01:12 PM
गुलिक काल10:24 AM – 11:48 AM
यमगण्ड07:36 AM – 09:00 AM
वर्ज्यम्11:30 AM – 01:11 PM
अभिजित मुहूर्त11:25 AM – 12:10 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:11 AM – 09:56 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:12 AM – 07:36 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:36 AM – 09:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:00 AM – 10:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:24 AM – 11:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:48 AM – 01:12 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:12 PM – 02:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:36 PM – 04:00 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:00 PM – 05:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग05:24 PM – 07:00 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:00 PM – 08:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:36 PM – 10:12 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:12 PM – 11:48 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:48 PM – 01:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:24 AM – 03:00 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:00 AM – 04:36 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:36 AM – 06:12 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle