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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2027-05-20

दोहा पंचांग — 20 मई 2027

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, विशाखा नक्षत्र · गुरुवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 01:59 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रविशाखा · पाद 4तक 10:51 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगपरिघतक 07:56 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 01:59 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:47 AM
सूर्यास्त06:14 PM
चन्द्रोदय06:31 PM
चन्द्रास्त04:13 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:03 AM – 11:57 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:11 AM – 03:59 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:11 PM – 02:52 PM
गुलिक काल08:08 AM – 09:49 AM
यमगण्ड04:47 AM – 06:27 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त12:51 PM – 01:45 PM
दुर्मुहूर्त04:26 PM – 05:20 PM

दिन चौघड़िया

शुभ04:47 AM – 06:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:27 AM – 08:08 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:08 AM – 09:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:49 AM – 11:30 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:30 AM – 01:11 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:11 PM – 02:52 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:52 PM – 04:33 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:33 PM – 06:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:14 PM – 07:33 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:33 PM – 08:52 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:52 PM – 10:11 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:11 PM – 11:30 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:30 PM – 12:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:49 AM – 02:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:08 AM – 03:27 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:27 AM – 04:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle