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VedicSpaceपंचांगदोहा › 2027-07-19

दोहा पंचांग — 19 जुलाई 2027

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · सोमवार · (25.2854°, 51.531°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दोहा (25.2854°, 51.531°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:54 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 09:18 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 4तक 11:53 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगविष्कुम्भतक 01:56 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 08:01 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:54 AM
सूर्यास्त06:26 PM
चन्द्रोदय07:07 PM
चन्द्रास्त05:15 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:18 AM – 04:06 AM
अमृत काल03:33 AM – 05:22 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:35 AM – 08:17 AM
गुलिक काल01:21 PM – 03:03 PM
यमगण्ड09:58 AM – 11:40 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:12 AM – 12:07 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:49 PM – 03:43 PM

दिन चौघड़िया

अमृत04:54 AM – 06:35 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:35 AM – 08:17 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:17 AM – 09:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:58 AM – 11:40 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:40 AM – 01:21 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:21 PM – 03:03 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:03 PM – 04:44 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:44 PM – 06:26 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:26 PM – 07:44 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:44 PM – 09:03 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:03 PM – 10:21 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:21 PM – 11:40 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:40 PM – 12:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:58 AM – 02:17 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:17 AM – 03:35 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:35 AM – 04:54 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle