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VedicSpaceपंचांगदुबई › 2026-07-01

दुबई पंचांग — 1 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · बुधवार · दुबई (25.2048°, 55.2708°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना दुबई (25.2048°, 55.2708°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:32 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 06:08 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 1तक 07:57 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगइन्द्रतक 02:34 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 06:08 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:32 AM
सूर्यास्त07:13 PM
चन्द्रोदय08:36 PM
चन्द्रास्त06:22 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:56 AM – 04:44 AM
अमृत काल12:24 AM – 02:10 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:22 PM – 02:05 PM
गुलिक काल10:39 AM – 12:22 PM
यमगण्ड07:14 AM – 08:57 AM
वर्ज्यम्01:45 PM – 03:32 PM
अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:49 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:10 AM – 10:05 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:32 AM – 07:14 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:14 AM – 08:57 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:57 AM – 10:39 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:39 AM – 12:22 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:22 PM – 02:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:05 PM – 03:47 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:47 PM – 05:30 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:30 PM – 07:13 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:13 PM – 08:30 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:30 PM – 09:47 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:47 PM – 11:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:05 PM – 12:22 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:22 AM – 01:39 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:39 AM – 02:57 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:57 AM – 04:14 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:14 AM – 05:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle