VedicSpace › पंचांग › द्वारका › 2026-08-15
शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · शनिवार · गुजरात (22.2442°, 68.9685°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना द्वारका (22.2442°, 68.9685°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:31 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष तृतीया | तक 05:29 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी · पाद 1 | तक 03:25 AM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | शिव | तक 07:09 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | तैतिल | तक 06:03 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:31 AM |
| सूर्यास्त | 07:26 PM |
| चन्द्रोदय | 08:57 AM |
| चन्द्रास्त | 09:07 PM |
| चन्द्र राशि | सिंह |
| सूर्य राशि | कर्क |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · ग्रीष्म |
| अभिजित मुहूर्त | 12:32 PM – 01:24 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:55 AM – 05:43 AM |
| अमृत काल | 08:49 PM – 10:24 PM |
| राहु काल | 09:44 AM – 11:21 AM |
| गुलिक काल | 06:31 AM – 08:07 AM |
| यमगण्ड | 02:35 PM – 04:12 PM |
| वर्ज्यम् | 11:19 AM – 12:54 PM |
| दुर्मुहूर्त | 09:57 AM – 10:49 AM |
| दुर्मुहूर्त | 03:07 PM – 03:59 PM |
| काल | 06:31 AM – 08:07 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:07 AM – 09:44 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:44 AM – 11:21 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:21 AM – 12:58 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:58 PM – 02:35 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:35 PM – 04:12 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:12 PM – 05:49 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:49 PM – 07:26 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 07:26 PM – 08:49 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:49 PM – 10:12 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:12 PM – 11:35 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:35 PM – 12:58 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:58 AM – 02:21 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:21 AM – 03:44 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:44 AM – 05:07 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 05:07 AM – 06:31 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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